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कोशों का संकलन एवं प्रकाशन

 
 

बहुभाषी कोश

 
 
1. भारतीय भाषा कोश
 

संपूर्ण देश की जनता को भारतीय भाषाओं की शब्द संपदा से परिचित कराने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह कोश प्रकाशित किया गया है । कोश का मुख्य सभी भारतीय भाषाओं में समानता की खोज रहा है, न कि उनकी विषमता उभारना । अत: यह आवश्यक समझा गया कि भारतीय भाषाओं के मुख्यता वे ही पर्याय दिए जाएँ जिनका या जिनसे मिलते-जुलते शब्दों का प्रयोग समान अर्थ में होता है । एक ही जिल्द में प्रकाशित यह कोश दो भागों में है तथा इसमें लगभग 5000 मूल  हैं । प्रथम भाग में वर्गीकृत शब्दावली और उनके भारतीय भाषाओं में प्रचलित अर्थ वाले पर्याय हैं ।  भाग में सामान्य शब्दावली अकारादि क्रम में तथा उनके भारतीय भाषाओं के पर्याय दिए गए हैं । प्रयास यह रहा है कि दोनो भागों की शब्दावली में अधिक दुहराव न हो । इस कोश के स्तंभों का क्रम इस प्रकार है :- 1. हिंदी शब्द, 2. व्याकरणिक कोटि, 3. मूल  के हिंदी अर्थ । इसके पश्‍चात अगले 13 स्तंभों में मूल हिंदी शब्द के संविधान स्वीकृत तेरह भारतीय भाषाओं - पंजाबी, उर्दू, कश्मीरी, सिंधी, मराठी, गुजराती, बंगला, असमिया, ओड़िया, तेलुगु, तमिल, मलयालम तथा कन्‍नड़ में क्रमवार पर्याय देवनागरी लिपि में दिए गए हैं । अब इस कोश का परिवर्धित संस्करण तैयार कर लिया गया है जिसमें संस्कृत, कोंकणी, नेपाली और मणिपुरी के पर्याय भी सम्मिलित हैं । मूल्य रु. 4138.00, पृष्ठ 2187, संस्करण प्रकाशन वर्ष – 2012

2. तत्सम शब्दकोश
 

भारत की अधिकतर भाषाओं की शब्द-संपदा का मुख्य स्रोत संस्कृत भाषा है । इस तथ्य के आलोक में यह तय हुआ कि एक ऐसा शब्द कोश तैयार किया जाए जो भारतीय भाषाओं के मूल को पहचानने में मदद करे । 'तत्सम शब्द कोश' का निर्माण इसी की पूर्ति के लिए किया गया है ।

इस कोश में लगभग 1600 हैं जो हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में 'तत्सम रूप में' प्रयुक्‍त हो रही हैं । कोश में कुल पंद्रह स्तंभ हैं । जिनमें पहला स्तंभ संस्कृत शब्दों का है और दूसरा हिंदी का । शेष 13 स्तंभों में संविधान की आठवीं अनुसूची में (प्रकाशन वर्ष तक) मान्यता प्राप्‍त भाषाओं :- असमिया, उड़िया, उर्दू, कन्‍नड़, कश्मीरी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, बंगला, मराठी, मलयालम और सिंधी के तत्सम या तत्समवत् समानक देवनागरी लिपि में दिए गए हैं । साथ ही यह दर्शाया गया है कि वे शब्द आज उन भाषाओं में किस मुख्यार्थ के वाचक हैं । मूल्य रु. 323.00 है, पृष्‍ठ 657, प्रकाशन वर्ष - 1988 हैं ।

3. भारतीय भाषा परिचय
 

भारतीय भाषा परिचय एक समेकित ग्रंथ है जिसमें संविधान स्वीकृत तत्कालीन बाईस भारतीय भाषाओं - असमिया, उर्दू, ओड़िया, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, गुजराती, डोगरी, तमिल, तेलुगु, नेपाली, पंजाबी, बंगला, बोडो, मणिपुरी, मराठी, मलयालम, मैथिली, संताली, संस्कृत, सिंधी तथा हिंदी का परिचय दिया गया है । भाषाओं से संबंधित अलग-अलग आलेखों में इन भाषाओं का भाषावैज्ञानिक, ऐतिहासिक तथा भौगोलिक परिचय मिलता है । मूल्य रु. 237.00, 556, संस्करण प्रकाशन वर्ष 2010 ।

4. हिंदी लेखक संदर्भिका
  हिंदी भाषा के विकास में रत वर्तमान हिंदी लेखकों तथा हिंदी साहित्य साधना में समर्पित साहित्यकारों के कृतित्व एवं रचनात्मक योगदान के साथ उनके - परिचय को जानने तथा एक ही स्थान पर सुलभ कराने के से निदेशालय के पूर्व प्रकाशन हिंदी साहित्यकार विवरणिका का नवीन एवं परिवर्धित संस्करण हिंदी लेखक संदर्भिका शीर्षक से तैयार किया गया है । इसमें 1198 हिंदी लेखकों का जीवनवृत उनके रचनात्मक योगदान एवं - -एवं पारिवारिक विवरण सहित दिया गया है ।
हिंदी में साहित्य एवं साहित्येतर लेखन, मौलिक अनुवाद एवं संपादन के आधार इस पुस्तक में उन हिंदी लेखकों को भी शामिल किया गया है जिनका लेखन हिंदी साहित्य के अलावा अन्य विषयों जैसे विज्ञान, पत्रकारिता, पर्यावरण आदि पर आधारित है । मूल्य रुo 450/- - संo 773, संस्करण , प्रकाशन वर्ष 2010 ।
 
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