केंद्रीय हिंदी निदेशालय (उच्चतर शिक्षा विभाग)
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केंद्रीय हिंदी निदेशालय की विभिन्न उच्चस्तरीय समितियों का गठन

 
 

(च) हिंदी शिक्षा समिति: हिंदी शिक्षा समिति का गठन तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए प्रत्येक तीन वर्ष में किया जाता है |

 
 

गठन :

1.
मानव संसाधन विकास मंत्री
-
अध्यक्ष
2.
लोक सभा अध्यक्ष द्वारा नामित लोक सभा के चार सदस्य तथा राज्य सभा के सभापति द्वारा नामित राज्य सभा के दो सदस्य
-
सदस्य
3.
सचिव, उच्चतर शिक्षा
-
सदस्य
4.
सचिव, राजभाषा विभाग
-
सदस्य
5.
संयुक्त सचिव (भाषाएँ)/ शिक्षा सलाहकार (भाषाएँ)
 
6.
अध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग
 
7.
हिंदीतर भाषी राज्यों की सरकारों दवारा नामित प्रत्येक राज्य से एक-एक प्रतिनिधि
 
8.
हिंदी संस्थान संघ का एक प्रतिनिधि
 
9.
निम्नलिखित स्वैच्छिक हिंदी संस्थाओं से प्रत्येक का एक-एक प्रतिनिधि    
 
1.
महासचिव, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा मद्रास
2.
राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा
3.
मुंबई हिंदी विद्यापीठ, मुंबई
4.
गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद
5.
कर्नाटक हिंदी महिला सेवा समिति, बंगलौर
6.
केरल हिंदी प्रचार सभा, त्रिवेंद्रम
7.
मणिपुर राष्ट्रभाषा प्रचार समिति
8.
जोरम हिंदी प्रचार समिति, आइजॉल
9.
राष्ट्रभाषा प्रचार समिति गुवाहाटी
10.
तीन विख्यात हिंदी विद्वान
11.
दो भाषाविद्
12.
निदेशक / उप सचिव, भाषा प्रभाग   स्थायी आमंत्रित
13.
निदेशक, केंद्रीय हिंदी निदेशालय   सदस्य सचिव
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कार्यकाल

समिति के सदस्यों का कार्यकाल मूलत: कार्य प्रारंभ करने के बाद तीसरे वर्ष के दिसंबर माह तक होगा बशर्ते
1.
अनुच्छेद २-३ में नामित सदस्य संसद का सदस्य न रहने की स्थिति में समिति का सदस्य नहीं रहेगा |
2.
समिति के पदेन सदस्य तब तक समिति के सदस्य रहेंगे जब तक वे उस पद को संभाल रहे हैं जिसके नाते वे इस समिति के सदस्य हैं |
3.
अन्य नामित सदस्य भारत सरकार के प्रसादपर्यंत कार्य करेंगे |
4.
यदि किसी सदस्य के त्यागपत्र, मृत्यु आदि कारणों से कोई रिक्ति उपस्थित होती है, तो उस रिक्ति पर नियुक्त सदस्य समिति के कार्यकाल की शेष अवधि के लिए कार्यभार संभालेगा |
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कोरम

  समिति की बैठकों का कोरम समिति की कुल सदस्यता का एक तिहाई होगा |
 

कार्य

  समिति देश में हिंदी के प्रचार - प्रसार एवं संवर्धन से संबंधित नीति संबंधी मामलों में भारत सरकार को परामर्श देगी |
 

कार्यकारिणी उपसमिति

  समिति को अपने विभिन्न कार्यों के प्रभावी निर्वहन में सक्षम बनाने के उद्द्देश्य से एक कार्यकारिणी समिति नियुक्त की जा सकती है | इस उपसमिति के सदस्यों की संख्या अधिक से अधिक 15 होगी जो कि अध्यक्ष दवारा नामित किए जाएँगे | अध्यक्ष को या तो समिति के सदस्यों में से अथवा बाहर से ऐसे व्यक्तियों के सह - चयन का अधिकार होगा जो देश में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन में आने वाली कठिनाइयों हेतु विशेष ज्ञान एवं अनुभव रखते है |
 
 
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