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देवनागरी : वर्ण-स्वरूप

 
 

सामान्यता : इस लेखन में देवनागरी का प्रत्येक अक्षर एक ही ध्वनि का करता है तथा उसका नाम भी वही है । यहाँ अंग्रेज़ी में पूअर (poor) तथा डोर (door) क़े समान उच्‍चारण संबंधी ऐसी भ्रांति की स्थिति उत्‍पन्‍न नहीं होती जिसमें समान अक्षर के संयुक्‍त रूप का दो भिन्‍न शब्दों में भिन्‍न ढ़ंग से उच्‍चारण हो । यह लिपि एक अत्यंत सुप्रवाही लिपि के रूप में विकसित हुई है सादगी बनाए रखने की से, हमने प्रत्येक दीर्घ स्वर के लिए संयुक्‍त स्वर (ऐ (अई), औ (औऊ)) आदि रखे हैं, अधिकांश प्रयोक्‍ता आई.पी.ए. अथवा अंतरराष्‍ट्रीय ध्वनिक एसोसिएशन के मानकों के प्रयोग के स्थान पर प्रतिलिप्यांकन के विशिष्‍ट संकेतों का परंपरागत ढंग से प्रयोग करते हैं ।

 
     
 
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