केंद्रीय हिंदी निदेशालय (उच्चतर शिक्षा विभाग)
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हिंदी वीडियो कैसेट्स
   
 

वीडियो कैसेटों का संक्षिप्त परिचय

केंद्रीय हिंदी निदेशालय के पत्राचार पाठ्यक्रम विभाग दवारा विभिन्न व्याकरणिक बिंदुओं पर सहायक एवं पूरक सामग्री के रूप में वीडियो कैसेट्स तैयार करवाए गए हैं | इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है |

वीडियो कैसेट - 1

वेल्कम टू इंडिया-लर्न हिंदी

इस कैसेट में विभिन्न परिस्थितियों में वार्तालाप के लिए आवश्यक हिंदी वाक्यों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है | हिंदीतर भाषियों और विदेशियों दवारा होटल, बैंक, रेस्तराँ में या फिर किसी अपिरिचित से मिलते समय जैसे आवश्यक जीवन कार्यों में हिंदी प्रयोग को सामान्य वार्तालाप के रूप में प्रस्तुत किया गया है | यह पर्यटकों के लिए भी उपयोगी है |
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वीडियो कैसेट - 2

बातें करें शुरु
आप, तुम और तू

इस कैसेट में मध्यम पुरुष के विविध प्रयोगों को दर्शाया गया है | हिंदी में  मध्यम पुरुष के लिए तीन सर्वनाम प्रयोग में लाए जाते हैं  'तू', 'तुम' और 'आप' | अपनी आयु से छोटे व्यक्तियों, साधारण व्यक्तियों, निकट के प्रियजनों के लिए  'तू' सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है | कभी-कभी भगवान के लिए भी 'तू' का प्रयोग किया जाता है | 'तुम' का प्रयोग अपने से छोटों, अपने बराबर वालों या बहुत आत्मीय व्यक्तियों  के लिए होता है | 'आप' का संबोधन विनम्रता तथा आदर का भाव दर्शाता है | इस कैसेट में इसी सबके बारे में बताया गया है |
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वीडियो कैसेट - 3

कर्ता और क्रिया का मेल
बीच-बीच में 'ने' का खेल

हिंदी वाक्य संरचना के तीन महत्वपूर्ण अंग हैं कर्ता, कर्म और क्रिया | इस कैसेट में कर्ता और क्रिया की अन्विति को तथा 'ने' परसर्ग दवारा क्रिया के रूप - परिवर्तन को समझाया गया है | भूतकालिक वाक्य बनाते समय कर्ता और क्रिया के तालमेल के लिए 'आ-ए-ई' पैटर्न का ध्यान रखा जाता है | 'ने' परसर्ग का प्रयोग सकर्मक भूतकालिक क्रिया के साथ होता है | कर्ता के साथ 'ने' परसर्ग जुड़ जाने पर क्रिया कर्म के अनुरूप रहती है | इस सबके बारे में इस कैसेट में रोचक ढंग से बताया गया है |

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वीडियो कैसेट - 4

वाक्य में 'को' का योग
प्रकट करे विविध प्रयोग

इस कैसेट में हिंदी वाक्य में 'को' के प्रयोग के नियमों को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है | 'को' का प्रयोग हिंदी वाक्यों में चेतन क्रम के साथ होता है | हिंदी में विभिन्न स्थितियाँ हैं जहाँ कर्ता के साथ 'को' का प्रयोग होता है :- जैसे शारीरिक कष्ट या रोग बताने में, पसंद रुचि आदि दर्शाने में, जानना, मालूम होना आदि के अर्थों में तथा जरुरत, आभार, विवशता बताने आदि में| इस कैसेट से इसी सबके बारे में जानकारी मिल सकती है |
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वीडियो कैसेट - 5

हिंदी में लिंग का आधार
थोड़ा व्याकरण थोड़ा व्यवहार

इस कैसेट में लिंग को पहचानने संबंधी सिद्धांतों को स्पष्ट किया गया है | शुद्ध हिंदी लिखने के लिए लिंग का ज्ञान अनिवार्य है | वाक्य में संज्ञा और क्रिया का लिंग वाक्य में प्रयुक्त 'का', 'की', 'मेरा', 'मेरी' जैसे सर्वनामों तथा 'बड़ा' 'बड़ी', जैसे विशेषणों के प्रयोग दवारा पहचाना जा सकता है | सामान्यत: 'अ', 'आ', से अंत होने वाले अधिकांश शब्द पुल्लिंग होते हैं तथा 'इ' 'ई' से अंत होने वाले शब्द स्त्रीलिंग होते हैं | भाव वाचक संज्ञा शब्द जिसके अंत में 'पा', 'पन', 'आव' आदि हो, प्राय: पुल्लिंग होते हैं | इस कैसेट से लिंग के बारे में सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है |
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वीडियो कैसेट - 6

हिंदी में 'तो' 'भी' और 'ही'
प्रयोग कीजिए सही-सही

इस कैसेट में अव्यय शब्द 'तो', 'भी' और 'ही' के प्रयोग को समझाया गया है | इन अव्ययों के प्रयोग से वाक्य के अर्थ और भाव तो बदल जाते हैं किंतु इनका रूप नहीं बदलता | 'तो' अव्यय किसी बात पर जोर देने अथवा निश्चय और आग्रह का भाव देने के लिए प्रयुक्त किया जाता है | 'भी' का प्रयोग तुलना व समानता के लिए तथा वाक्य में बल देने के लिए किया जाता है | कभी-कभी आश्चर्य व संदेह्सूचक वाक्यों में 'भी' का प्रयोग होता है | 'ही' निश्चयात्मक भाव का अव्यय है | यह भी 'तो' के समान विशेष भाव को प्रकट करता है | कभी-कभी 'ही' किसी कार्य के तुरंत होने या घटने का भाव देता है |

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वीडियो कैसेट - 7

मुख्य क्रिया के साथ रंजक क्रिया
मिलकर बनाए संयुक्त क्रिया

हिंदी वाक्य रचना में संयुक्त क्रिया का महत्वपूर्ण स्थान है | संयुक्त क्रिया दो वाक्यों के मेल से बनती है | इनमें प्रमुख है: मुख्य क्रिया और दूसरी है रंजक क्रिया | वाक्य में पहली क्रिया का अर्थ मुख्य होता है और दूसरी क्रिया यानि रंजक क्रिया मुख्य क्रिया के अर्थ को प्रभावित करती है | इस प्रक्रिया में रंजक क्रिया अपना अर्थ खो देती है | 'आना' , 'जाना', 'लेना', 'उठाना,  'बैठना' आदि रंजक क्रिया के उदाहरण हैं | इस कैसेट में संयुक्त क्रिया के इसी रूप का वर्णन किया गया है |
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वीडियो कैसेट - 8

अन्विति से बनता शुदध वाक्य
अन्यथा बन जाता अशुदध वाक्य

वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष काल आदि के अनुसार शब्दों का प्रयोग करना अन्विति कहलाता है | हिंदी में क्रियाओं के अनुसार वाक्य के तीन प्रकार होते हैं :- कर्तावाचक, कर्मवाचक और भाववाचक | कर्तावाचक वाक्य में क्रिया कर्ता के वचन और लिंग के अनुसार  होती है |  कर्मवाचक वाक्यों में कर्ता के साथ 'ने' परसर्ग का प्रयोग होता है | ऐसे वाक्यों में क्रिया कर्म के पुरुष, वचन और लिंग के अनुसार होती है | भाववाचक वाक्यों में प्राय: कर्ता के साथ 'ने' और कर्म के साथ 'को' परसर्ग का प्रयोग होता है | इनमें क्रिया पुल्लिंग व एकवचन होती है अर्थात क्रिया अपरिवर्तित रहती है | इस कैसेट में कर्ता-क्रिया अन्विति के प्रयोगों को समझाया गया है |
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वीडियो कैसेट - 9

यदि हो सही वर्तनी का ज्ञान
हिंदी सीखना बेहद आसान

हिंदी 'देवनागरी लिपि' में लिखी जाती है | देवनागरी लिपि यहयपि वैज्ञानिक लिपि है फिर भी उसमें एकरूपता की दृष्टि से कई मानक नियम निर्धारित किए गए हैं | इस कैसेट में उन्हीं नियमों की जानकारी दी गई है | इस जानकारी से वर्तनी और हिज्जे की गलतियों को कम किया जा सकेगा और हिंदी सीखने वालों को मानक वर्तनी से परिचित कराया जा सकेगा |
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वीडियो कैसेट - 10

हिंदी में मुहावरों का प्रयोग

इस कैसेट में हिंदी मुहावरों के सही प्रयोग और उनके अर्थों के बारे में बताया गया है | हम बोलचाल और लिखित इन दोनों ही स्तरों पर मुहावरों का प्रयोग करते हैं | इनके प्रयोग से यकीनन हमारी भाषा रोचक और प्रभावी बन जाती है | भाषा में हम इनका सही -सही प्रयोग कर सकें इसके लिए इनके अर्थों की सम्यक् जानकारी अपेक्षित है | कुछ इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर इस कार्यक्रम को विकसित किया गया है |
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